आईए जानते हैं एसिड के बारे में बिस्तार से।
अम्ल(Acids):
वे पदार्थ जिनका स्वाद खट्टा होता है तथा जो नीले लिटमस पेपर को लाल कर देते हैं,अम्ल कहलाते है।
अम्ल शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द एसिड्स से हुई है , जिसका अर्थ है,खट्टा।
उदाहरण; सिरके, सिट्रस फ़ल,(नींबू,संतरा),इमली
Sources ( प्राप्ति स्थान): वैसे सभी प्रकार के तत्व प्रकृति में, मृदा में पाए जाते हैं अतः यह भी पाया जाता है। यह फ्लो, सब्जियों और ड्राई फ्रूट्स आदि में भी पाया जाता है।
Ex.
खट्टे फल
नीबू
संतरा
मौसमी
अम्ल शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द एसिड्स से हुई है , जिसका अर्थ है,खट्टा।
उदाहरण; सिरके, सिट्रस फ़ल,(नींबू,संतरा),इमली
Sources ( प्राप्ति स्थान): वैसे सभी प्रकार के तत्व प्रकृति में, मृदा में पाए जाते हैं अतः यह भी पाया जाता है। यह फ्लो, सब्जियों और ड्राई फ्रूट्स आदि में भी पाया जाता है।
Ex.
खट्टे फल
नीबू
संतरा
मौसमी
इत्यादि।
Types of Acids (अम्लों के प्रकार):
1)प्रबल अम्ल(strong acids) वे अम्ल जो जल में पूरी तरह से वियोजित होते है, प्रबल अम्ल कहलाते हैं।
उदाहरण-HCl, H2SO4, HNO3
2) दुर्बल अम्ल(weak Acids) वे अम्ल जो जल में पूरी तरह वियोजित नही होते ,दुर्बल अम्ल कहलाते हैं।
उदाहरण-लैक्टिक अम्ल,CH3COOH
3)सांद्र अम्ल; जिसमे अम्ल अधिक मात्रा में होतेहैं,जबकि जल कम मात्रा में होता है।
4)तनु अम्ल; जिसमे अम्ल अल्प मात्रा में होता है,जबकि जल अधिक मात्रा में होता
उदाहरण-HCl, H2SO4, HNO3
2) दुर्बल अम्ल(weak Acids) वे अम्ल जो जल में पूरी तरह वियोजित नही होते ,दुर्बल अम्ल कहलाते हैं।
उदाहरण-लैक्टिक अम्ल,CH3COOH
3)सांद्र अम्ल; जिसमे अम्ल अधिक मात्रा में होतेहैं,जबकि जल कम मात्रा में होता है।
4)तनु अम्ल; जिसमे अम्ल अल्प मात्रा में होता है,जबकि जल अधिक मात्रा में होता
Properties of Acids(अम्ल के गुण):
वैसे तो अम्ल के अनेक प्रकार होते हैं। सभी प्रकारों का वर्गीकरण करना मुश्किल है। अतः प्रायोगिक अनुभव के आधार पर अम्ल के कुछ प्रकार निम्नवत हैं।
Physical properties of acids (अम्लों के भौतिक गुण):
acids (अम्लों के भौतिक गुण):
1. अम्ल स्वाद में खट्टे तथा जल में विलय होते हैं।
2. अम्लों कि प्रकृति संक्षारक(corrosive) होती है
3. अम्ल नीले लिटमस पेपर को लाल कर देते हैं।
4. इनकी क्रिया से कपड़ा, लकड़ी,कागज़,त्वचा,आदि को खतरा होता है।
5. अम्ल का प्रयोग कर आवेश उत्पादन किया जा सकता है।
6. अम्ल स्वच्छता के कार्यों में भी जीवाणु घातक होते हैं।
chemical properties of acids (अम्लों के रासायनिक गुण): Reactions of Acids
1. धातुओं के साथ अभिक्रिया (reaction with metals)-
अम्ल विभिन्न सक्रिय धातुओं जैसे मैग्नीशियम(Mg), जिंक (Zn), सोडियम(Na),आदि से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस छोड़ते हैं।
अम्ल+धातु = लवण +हाइड्रोजन
उदाहरण:
1. Mg + 2HCl = MgCl2 + H2
2. Zn+H2SO4 = ZnSO4+H2
3. Fe + H2SO4 = FeSO4 + H2
4. Mg(s)+H2SO4(aq)⟶MgSO4(aq)+H2(g)
पॉप टेस्ट; हाइड्रोजन गैस से भरी परखनली के पास जब एक जलती हुई मोमबत्ती ले जायी जाती है, तो पॉप की ध्वनि उत्पन्न होती है। इससे पता लगता है कि हाइड्रोजन गैस जलाने पर पॉप(pop) की ध्वनि के साथ जलती है।इस टैस्ट को हाइड्रोजन की उपस्थिति दर्शाने के लिए प्रयोग करते हैं।
2. धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया:
अम्ल,धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड बनाते हैं।
Ex.
1. CaCO3+2HCl = CaCl2+H2O+CO2
2. Ca(HCO3)2+2HCl = CaCl2+2H2O+2CO2
3. 2HCl(aq)+MgCO3(s)→MgCl2(aq)+CO2(g)+H2O
3. धातु ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया(reaction with metal oxide)
अम्ल कुछ धातु ऑक्साइडों (क्षारीय ऑक्साइडों) के साथ क्रिया करके लवण तथा जल बनाते हैं।
धत्विक ऑक्साइड+अम्ल = लवण+जल.
1. CaO+2HCl = CaCl2+CaCl2
2. 2HCl+ Na2O = 2NaCl + H2O.
3. H2SO4+ CaO = CaSO4 + H2O.
1. अम्ल स्वाद में खट्टे तथा जल में विलय होते हैं।
2. अम्लों कि प्रकृति संक्षारक(corrosive) होती है
3. अम्ल नीले लिटमस पेपर को लाल कर देते हैं।
4. इनकी क्रिया से कपड़ा, लकड़ी,कागज़,त्वचा,आदि को खतरा होता है।
5. अम्ल का प्रयोग कर आवेश उत्पादन किया जा सकता है।
6. अम्ल स्वच्छता के कार्यों में भी जीवाणु घातक होते हैं।
chemical properties of acids (अम्लों के रासायनिक गुण): Reactions of Acids
1. धातुओं के साथ अभिक्रिया (reaction with metals)-
अम्ल विभिन्न सक्रिय धातुओं जैसे मैग्नीशियम(Mg), जिंक (Zn), सोडियम(Na),आदि से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस छोड़ते हैं।
अम्ल+धातु = लवण +हाइड्रोजन
उदाहरण:
1. Mg + 2HCl = MgCl2 + H2
2. Zn+H2SO4 = ZnSO4+H2
3. Fe + H2SO4 = FeSO4 + H2
4. Mg(s)+H2SO4(aq)⟶MgSO4(aq)+H2(g)
पॉप टेस्ट; हाइड्रोजन गैस से भरी परखनली के पास जब एक जलती हुई मोमबत्ती ले जायी जाती है, तो पॉप की ध्वनि उत्पन्न होती है। इससे पता लगता है कि हाइड्रोजन गैस जलाने पर पॉप(pop) की ध्वनि के साथ जलती है।इस टैस्ट को हाइड्रोजन की उपस्थिति दर्शाने के लिए प्रयोग करते हैं।
2. धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया:
अम्ल,धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड बनाते हैं।
Ex.
1. CaCO3+2HCl = CaCl2+H2O+CO2
2. Ca(HCO3)2+2HCl = CaCl2+2H2O+2CO2
3. 2HCl(aq)+MgCO3(s)→MgCl2(aq)+CO2(g)+H2O
3. धातु ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया(reaction with metal oxide)
अम्ल कुछ धातु ऑक्साइडों (क्षारीय ऑक्साइडों) के साथ क्रिया करके लवण तथा जल बनाते हैं।
धत्विक ऑक्साइड+अम्ल = लवण+जल.
1. CaO+2HCl = CaCl2+CaCl2
2. 2HCl+ Na2O = 2NaCl + H2O.
3. H2SO4+ CaO = CaSO4 + H2O.
Uses of Acids (अम्लों के उपयोग):
हमारे दैनिक जीवन में अनेक प्रकार से रोज कही न कही अम्लों का उपयोग किया जाता है। अम्ल के प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं-
1. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ( HCI ) को वस्त्र- उद्योगों में कपड़ा रंगने तथा कलई से पूर्व लोहे की चादरों को साफ करने के लिए प्रयोग किया जाता है ।
2. सल्फ्यूरिक अम्ल ( H2SO4 ) को लेड बैट्रियों के कारखानों में, पेट्रोलियम उद्योग में , प्लास्टिक , कृत्रिम रेशे बनाने वाले उद्योग में, उर्वरक निर्माण आदि में बहुतायत में प्रयोग किया जाता है ।
3. नाइट्रिक अम्ल ( HNO3 ) को ज्वेलरी विभाग में सोने तथा चाँदी के शोधन में प्रयोग किया जाता है । औषधि, विस्फोटक बनाने में भी इस अम्ल का प्रयोग किया जाता है ।
-नाइट्रिक अम्ल को शोरे का अम्ल भी कहा जाता हैं, क्योंकि इसे शोरे ( KNO3 - पोटैशियम नाइट्रेट) से बनाया जाता है ।
सल्फ्यूरिक अम्ल ( H2SO4 ) को लेड बैट्रियों में , पेट्रोलियम उद्योग में , प्लास्टिक , कृत्रिम रेशे बनाने में , उर्वरक निर्माण , आदि में प्रयुक्त किया जाता है ।
- नाइट्रिक अम्ल को शोरे का अम्ल भी कहते हैं , क्योंकि उसे शोरे ( KNO3 ) से बनाया जाता है ।
1. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ( HCI ) को वस्त्र- उद्योगों में कपड़ा रंगने तथा कलई से पूर्व लोहे की चादरों को साफ करने के लिए प्रयोग किया जाता है ।
2. सल्फ्यूरिक अम्ल ( H2SO4 ) को लेड बैट्रियों के कारखानों में, पेट्रोलियम उद्योग में , प्लास्टिक , कृत्रिम रेशे बनाने वाले उद्योग में, उर्वरक निर्माण आदि में बहुतायत में प्रयोग किया जाता है ।
3. नाइट्रिक अम्ल ( HNO3 ) को ज्वेलरी विभाग में सोने तथा चाँदी के शोधन में प्रयोग किया जाता है । औषधि, विस्फोटक बनाने में भी इस अम्ल का प्रयोग किया जाता है ।
-नाइट्रिक अम्ल को शोरे का अम्ल भी कहा जाता हैं, क्योंकि इसे शोरे ( KNO3 - पोटैशियम नाइट्रेट) से बनाया जाता है ।
सल्फ्यूरिक अम्ल ( H2SO4 ) को लेड बैट्रियों में , पेट्रोलियम उद्योग में , प्लास्टिक , कृत्रिम रेशे बनाने में , उर्वरक निर्माण , आदि में प्रयुक्त किया जाता है ।
- नाइट्रिक अम्ल को शोरे का अम्ल भी कहते हैं , क्योंकि उसे शोरे ( KNO3 ) से बनाया जाता है ।
इस तरह आप एसिड के बारे जान चुके हैं। दोस्तों Acids, Bases and Salts भौतिक विज्ञान का चैप्टर 2 है।यह लम्बा चैप्टर है इसलिए इसके एक टॉपिक एसिड को ही डिटेल में यहा दिया गया है। इसके अन्य टॉपिक को निम्न लिंक पर जाकर अवश्य पढ़ें।
धन्यवाद।
Read more Physics basic formula
Types of Bases
Types of salts
FAQ.
Qua. एसिड क्या होता है हिंदी में?
Ans. वे पदार्थ जो पानी में घुलने पर खट्टा स्वाद देते हैं अम्ल कहलाते हैं।
अम्ल, हल्दी से बनी रोली (कुंकम) को पीला कर देते हैं, इनका जलीय विलयन नीले लिटमस पेपर को लाल करता है।
Qua. चाय में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
Ans. चाय में टैनिक अम्ल होता है।
Qua. आंख के आंसू में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
Ans.आंसू में सियालिक एसिड पाया जाता है। आंसू हमारी आंख के लैक्रिमल ग्लैंड में बनता है।
Qua. एसिड क्या होता है हिंदी में?
Ans. वे पदार्थ जो पानी में घुलने पर खट्टा स्वाद देते हैं अम्ल कहलाते हैं।
अम्ल, हल्दी से बनी रोली (कुंकम) को पीला कर देते हैं, इनका जलीय विलयन नीले लिटमस पेपर को लाल करता है।
Qua. चाय में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
Ans. चाय में टैनिक अम्ल होता है।
Qua. आंख के आंसू में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
Ans.आंसू में सियालिक एसिड पाया जाता है। आंसू हमारी आंख के लैक्रिमल ग्लैंड में बनता है।

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