Mar 18, 2023

साधारण ब्याज का सूत्र: Simple Interest Formula in Hindi

धनराशि की गणना में ब्याज का योगदान हमेशा से खास रहा है। इसका प्रयोग व्यक्तिगत और ब्यापार की दृष्टिकोण से हमेशा होता रहा है। क्लास और प्रतियोगिता एग्जाम दोनों में इसप्रकार के प्रश्नों को हल करने के लिए दिया जाता है। बैंक आदि मेें चक्रवृद्धि ब्याज फार्मूला का प्रयोग जादा किया जाता है।साधारण ब्याज फार्मूला व्यक्तिगत स्तर पर जादा प्रयोग किया जाता है। अतः आज आपसब को साधारण ब्याज का फार्मूला Simple Interest Formula और compound Interest formula के बारे मेें डिटेल मेें बताऊंगा। इसके साथ-साथ साधारण ब्याज के सूत्र से सम्बंधित कुछ आवश्यक ट्रिक भी दिए जा रहा है जो एग्जाम में मदतोपयोगी होते हैं।

 
Simple Interest Formula in Hindi


Read more          Types of Triangles 
                            Quadratic Equations

मूलधन (Principal)  :

1. जब कोई पर्सन/बैेंक या किसी स्रोत से धन या मुद्रा लेता है तो उसके उपयोग के लि लगे समय पर लेने वाला, स्रोत को कुछ अतिरिक्त धन या मुद्रा वापस देता है इसे ही ब्याज कहते हैं। 

2. वह धन, जो कर्ज के रूप में ली जाती है या दी जाती है. वह मूलधन कहलाता है। इसे P से व्यक्त किया जाता है.

मिश्रधन ( Compound money):

ब्याज सहित मूलधन को मिश्रधन कहते है, इसे A से व्यक्त किया जाता है.

समय (Time):

कितने दिन स लिए गये धन को कितने दिन मेें  वापस किया इस बीच की अवधि समय कहलाता है। इसे T या t से व्यक्त किया जाता है।

ब्याज ( Interest ):

मूलधन के अतिरिक्त दिए गये धन को वापस करने मे लगे समय पर जो अतिरिक्त धन दिया जाता है, उसे ब्याज कहा जाता है।
इसे I (आई) से व्यक्त किया जाता है.

ब्याज दर ( Rate of Interest):

जिस दर से अतिरिक्त धन लिया जाता है उसे ब्याज दर कहते हैं। इसे r या R से व्यक्त किया जाता है।

साधारण ब्याज का फार्मूला( Simple Interest Formula):

ब्याज वाले प्रश्न समय सप्ताह, महीनें, तिमाही, छमाही आदि के रूप में पूछे जाते हैं। जिसे सरलता से व्यक्त करने के लिए निम्न रूपों का प्रयोग किया जाता है

आवश्यक तथ्य:

छमाही से वर्ष में बदलने के लिए = 2 से भाग
वर्ष में बदलने के लिए 12 भाग दें
तिमाही से वर्ष में = 4 से भाग
सप्ताह को महीने में = 4 से भाग आदि.

मिश्रधन, मूलधन, समय, मिश्रधन तथा ब्याज की दर निकालने के लिए निम्न सूत्र :
साधारण ब्याज = मिश्रधन – मूलधन
I= A  P
मूलधन = मिश्रधन – साधरण ब्याज
P = A – I
मूलधन = साधारण ब्याज × 100 / समय × ब्याज दर
P = (I ×  100) / R ×  T
समय = साधरण ब्याज × 100 / मूलधन × ब्याज की दर
T = (I × 100) / (P × R)
मिश्रधन = मूलधन + साधरण ब्याज
A = P + I
मिश्रधन = मूलधन × (100 + ब्याज की दर समय)
A = P × (100 + R)

साधारण ब्याज के संकेत और अर्थ-

P = Principal (मूलधन)
I = Interest (ब्याज)
A = Amount ( मिश्रधन)
R = Rate of Interest ( ब्याज दर)
T = Time (समय)

साधारण ब्याज से सम्बंधित महत्वपूर्ण टिप्स-

1. कोई धन T वर्षों में साधारण ब्याज दर से n गुना हो जाता है, तो m गुना होने में लगा समय = (m – 1) / (n – 1) × T

Ex.
कोई धन एक निश्चित साधारण ब्याज की दर से 12 वर्षों में तिगुना हो जाता है, तो कितने वर्षों में वह धन 5 गुना हो जाएगा?

Solve.
समय = (5 – 1) / (3 – 1) × 12 = 4 / 2 × 12 = 24 वर्ष

2. कोई धन R % साधारण ब्याज की दर से T समय में n गुना हो जाता है, तो समय = (n – 1) / R × 100

Ex.
कोई धन 20 % वार्षिक साधारण ब्याज की दर से कितने वर्षो में 5 गुना हो जाएगा?

Solve 
समय = (5 – 1) / 20 × 100 = 20 वर्ष

3. कोई धन T वर्षों में साधारण व्याज की दर से n गुना हो जाता है, तो ब्याज दर (R) = (n – 1) / T × 100

Ex.
कोई धन 10 वर्षों में साधारण ब्याज की दर से तिगुना हो जाता है, तो ब्याज दर क्या है?

Solve 
ब्याज दर = 3 – 1 / 10 × 100 = 2 × 20 = 20 %

इस प्रकार आपसब ने पढ़ा कि किस प्रकार Simple Interest Formula in Hindi की गणना की जाती है और इसके अन्य फीचर्स क्या हैं। उम्मीद है आपको यह लेख पसंद आएगा। पसंद आए तो शेयर अवश्य करें।

धन्यवाद। 

        Read more Acid, base and Salts in hindi

FAQ

Qua. ब्याज कितने प्रकार के होते हैं?

Ans. ब्याज विभिन्न प्रकार के होते है. ज्यादातर प्रयोग होने वाले ब्याज इस प्रकार है।

Qua. साधारण ब्याज का सूत्र क्या होता है?

Ans. संपूर्ण ऋण अवधि में मूलधन एक ही रहे, तो राशि पर लगने वाला ब्याज साधारण ब्याज होता है. साधारण ब्याज का फार्मूला मिश्रधन – मूलधन यानि I = A  P होता है।

Qua.साधारण ब्याज की परिभाषा क्या है?

Ans. ब्याज जब केवल मूलधन पर एक निश्चित समय के लिए एक ही दर पर लगाया जाता हैं, तो उसे साधारण ब्याज कहते हैं।

Qua. मूलधन + ब्याज का सूत्र क्या है?

Ans. मूलधन + ब्याज का सूत्र यानि साधारण ब्याज का सूत्र मिश्रधन – मूलधन अर्थात I = A  P है।

 




No comments:

Post a Comment

Chemistry Formulas in Hindi || रासायन शास्त्र के महत्वपूर्ण अनुलग्न

जब भिन्न भिन्न  तत्त्वों के दो या दो से अधिक परमाणु  एक निश्चित अनुपात में संयुक्त होकर जुड़ते हैं तो इस रासायनिक अभिक्रिया से एक अणु प्राप्...